मोदीनगर। आखाडा महाराजा सूरजमल के तत्वावधान में गांव रोरी में महाराजा सूरजमल के 257वें बलिदान दिवस सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा राम नारायण व संचालन बाबा परमेन्द्र आर्य ने किया। दीप प्रज्वलन द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि यति नरसिहांनन्द सरस्वती ने कहा कि भारत के इतिहास मे महाराजा सूरजमल का योगदान अतुलनीय है। जिस तरह से उन्होंने निहत्थे किसानों के जत्थे को विश्व की सर्व अधिक अपराजेय सेना में परिवर्तित किया वह उनके युद्ध कौशल का आदित्य उदाहरण है। बाबा परमेन्द्र आर्य ने कहा कि क्षत्रियों को महाराजा सूरजमल की युद्ध नीति को पढऩा चाहिए। महाराजा सूरजमल ने अपने जीवन में कोई भी लड़ाई नहीं हारी थी। महाराजा सूरजमल के बचपन का नाम सुजान सिंह था। उन्हें रविमल्ल के नाम से भी जाना गया है। विधायक डॉ. मंजू शिवाच ने बताया महाराजा सूरजमल सभी जातियों का सम्मान करते थे। उनके सेना मे सभी जातियों के सेनापति रहते थे। इस मौके पर खेल व शिक्षा के क्षेत्र मे अच्छा पर्दशन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को महाराजा सूरजमल का सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालो मे राष्ट्रीय महिला पहलवान अंजलि चिकारा, महिला पहलवान तन्वी, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी विक्रांत चौधरी, राष्ट्रीय बेडमिंटन खिलाड़ी रेशु तेवतिया, एथलीट आकाश आदि रहे। इसके अलावा मेधावी छात्रों में रजत तेवतिया, सृष्टि तेवतिया व एकमजोत सिंह आदि को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर उदित राज नहरा, प्रोफेसर अजित, अनिल यादव, ममता आर्य, सुमन चौधरी, सरोज देवी, सुभाष चन्द, सतेन्द्र तोमर, नवाब सिंह अहलावत, लक्ष्मण सिंह राठी, नीरज कौशिक आदि उपस्थित रहे।
महाराजा सूरजमल के 257 वें बलिदान दिवस पर रोरी में सम्मान समारोह का आयोजन